आज देश मे अनिवार्य शिक्षा दी जा रही है।अच्छी बात है हमारे देश का हर नागरिक शिक्षित होना चाहिए इसी से देश का विकास होगा।
मगर बच्चों की सर्वे कर विधालय से जोड़ने में आधार कार्ड से एकाउंट को लिंक करने का काम सिर्फ शिक्षक को सौपना ये कहा कि न्याय है।
बच्चा विधालय नही आता है तो भी उसे पास करना और अगली कक्षा में क्रमोन्नत करना ये बच्चे की जिंदगी के साथ खिलवाड़ है।
बच्चा इससे पढ़ नही रहा है सिर्फ क्रमोन्नत हो रहा है।वो होम वर्क नही करता इससे उसकी राइटिंग भी अच्छी नही हो रही है उसका बेसिक कमजोर हो रहा है।
जब यही बालक बोर्ड की परीक्षा देता है और अनुत्तरिण हो जाता है तो मानसिक दबाव में आजाता है।फिर अगर उसकी इच्छा शक्ति पढाई के प्रति जाग भी जाय तोभी वह पढ़ नही सकता क्योंकि उसका बेसिक ही इतना कमजोर हो ता है कि वो चाहकर भी कुछ नही कर सकता।
और वो जीवन मे पिछड़ जाता है।कागजो में भले ही यह सफल हो पर जमीनी स्तर पर इसका हाल बहुत बुरा है।अध्यापक भी सिर्फ खाना पूर्ति करते है।
जबतक अभिभावकों को प्रेरित नही किया जाएगा अगर वो बच्चों को नही पढाता है तो उस पर भी कोई न कोई प्रतिबन्ध होना चाहिये सिर्फ सारे प्रतिबन्ध अध्यापक पर न हो इन योजनाओं में जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं को भी जोड़ना चाहिए।तभी सार्थक परिणाम आएंगे वरना सिर्फ कागजो पर ही सफलता प्राप्त करेंगे।
शनिवार, 21 अप्रैल 2018
क्या ऐसी शिक्षा छात्रों के हित मे है?
मंगलवार, 13 मार्च 2018
Aaj srkaar ne adhyaapk ko sirf kaam krne vaali msheen smj liya he aaye din kisi n kisi kaam pr lga Diya jaata he! Aaj adhyaapk asmnjs me he ki vh bchho konpdhaaye ya any kaam kre is vjh se kors bhi pura nhibho pasta he!shiksha uske like doym drje ka kaam ho gya he! Ye desh smaaj ke hit me nhi he ab is pripaati ko bdlna hoga vrna aane vaali pidhi ka jeevn andhkaar mi ho jaayega
Kya shikshk ko any kaary krvaana bchho ke hit me he?
सदस्यता लें
संदेश (Atom)